स्कूल ड्रॉपआउट से एशिया के सरताज, फिल्मी है गौतम अडानी की सक्सेस स्टोरी!

गौतम अडानी को कारोबार विरासत में नहीं मिली है, उन्होंने खुद कामयाबी की मंजिल खड़ी की है. उनका जन्म गुजरात के एक छोटे से कस्बे थराड़ में शांति लाल और शांता बेन अडानी के परिवार में हुआ था. गौतम अडानी कुल 7 भाई बहन हैं. उनके पिता कपड़े का व्यापार करते थे.

एशिया (Asia) के सबसे अमीर शख्स का ताज अपने नाम करने वाले भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी की सफलता की कहानी बिल्कुल फिल्मी लगती है. कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी न कर पाने वाले गौतम अडानी ने उद्योग जगत में ऐसी लकीर खींच दी है, जो उनकी कायमाबी को तस्दीक करती है.



उद्योगपति गौतम अडानी (Gautam Adani) कल 60 साल के हो जाएंगे. उनका जन्म 24 जून 1962 को हुआ था. महज 5 लाख रुपये से अपनी पहली कंपनी शुरू करने वाले अडानी करीब दो दशक में कारोबार जगत के सरताज बन गए. खासकर पिछले 5 से 7 साल में अडानी ग्रुप का कारोबार तेजी से फैला है.


गुजरात में जन्म


दरअसल, गौतम अडानी को कारोबार विरासत में नहीं मिली है, उन्होंने खुद कामयाबी की मंजिल खड़ी की है. उनका जन्म गुजरात के एक छोटे से कस्बे थराड़ में शांति लाल और शांता बेन अडानी के परिवार में हुआ था. गौतम अडानी कुल 7 भाई बहन हैं. उनके पिता कपड़े का व्यापार करते थे.


गौतम अडानी ने अहमदाबाद के एससीएन विद्यालय से स्कूली शिक्षा हासिल की है. उनका परिवार एक छोटे से कस्बे थराड़ से अहमदाबाद आया था. वह बहुत धीरे और आराम से बोलते हैं. उनकी मातृभाषा गुजराती रही है, इसलिए वे पहले अंग्रेजी बोलने हिचकिचाते थे.

शर्मीले स्वभाव के अडानी

गौतम अडानी को गुजराती व्यंजन काफी पसंद हैं. उनकी शादी एक डेंटिस्ट प्रीति से हुई जिनसे उनके दो बेटे करन और जीत हैं. वह शर्मीले स्वभाव के हैं और पार्टियों में जाने से बचते हैं. वह अपने परिवार के साथ अहमदाबाद में रहते हैं.


गौतम अडानी को सिर्फ 16 साल की उम्र में कारोबार में हाथ आजमाने के लिए मुंबई जाना पड़ा. साल 1978 में वह मुंबई गए और हीरे का कारोबार शुरू किया. लेकिन 1981 में वह गुजरात लौट गए और अपने भाई की प्लास्टिक की फैक्ट्री में काम शुरू किया.


साल 1988 में उन्होंने कमोडिटी का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट करने वाली कंपनी के रूप में अडानी एंटरप्राइजेज की शुरुआत की. साल 1991 में हुए आर्थिक सुधारों की बदौलत अडानी का बिजनेस जल्द ही डायवर्सिफाई हुआ और वह एक मल्टीनेशनल बिजनेसमैन बन गए.


जब आया अहम मोड़

साल 1995 का साल गौतम अडानी के लिए बेहद सफल साबित हुआ, जब उनकी कंपनी को मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) के संचालन का कॉन्ट्रैक्ट मिला. गुजरात सरकार ने कच्छ में मुंद्रा पोर्ट एवं एसईजेड का संचालन किसी निजी कंपनी को देने का फैसला किया और यह गौतम अडानी के जीवन का एक बड़ा मोड़ साबित हुआ. उन्हें इस पोर्ट का नियंत्रण मिला और आज यह निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा पोर्ट बन गया है. 1996 में अडानी पावर लिमिटेड अस्तित्व में आई.


विदेश में फैलाया कारोबार

उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और इंडोने शिया में माइंस, पोर्ट और रेलवे जैसे कारोबार में कदम रखा. साल 2010 में उन्होंने इंडोनेशिया में माइनिंग कारोबार शुरू किया. साल 2011 में अडानी ग्रुप ने ऑस्ट्रेलिया के अबॉट पॉइंट कोल टर्मिनल को 2.72 अरब डॉलर में खरीदा.


आज अडानी ग्रुप का कारोबार एनर्जी, पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, माइनिंग, गैस, डिफेंस एवं एयरोस्पेस और एयरपोर्ट जैसे विविध क्षेत्रों तक फैला है. अडानी समूह की शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों में शामिल हैं-अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन, अडानी पावर, अडानी ट्रांसमिशन, अडानी टोटल गैस लिमिटेड और अडानी विल्मर.

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